वाराणसी जिला के बारे में जानकारी, इतिहास, ताज़ा खबर, गांव, सुबिधायें, तीर्थ स्थल, पिन कोड, पुलिस स्टेशन, मंडल और तहसील हैं, साक्षरता , मुख्यालय, जनसँख्या, जनसँख्या घनत्व, क्षेत्रफल, विधानसभा सदस्य संख्या, लोकसभा सदस्य संख्या, रेलवे स्टेशन, एयर पोर्ट, पुलिस स्टेशन ,कार्यालय, नक्शा, मानचित्र मैप, ब्लॉक लिस्ट, वाराणसी जिला से जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर (Varanasi District information Hindi, Geography, History, Latest News, villages, Facilities,  pin code, police station, population , Area of Varanasi, Assembly, Lok Sabha, Railway Station, Air Port, Thawe, Office, Map, Block List, Varanasi District FAQ)

वाराणसी जिला प्राचीन शहरों में से एक है और भारत का प्राचीनतम वास शहर है भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के प्रसिद्ध जिले में से एक है इसे वाराणसी, या बनारस, (जिसे काशी के नाम से भी कहा जा सकता है। इसे बनारस और काशी भी कहते हैं हिंदू धर्म में सर्वाधिक पवित्र नगरों में से यह एक माना जाता है और इसे अमित क्षेत्र भी कहा जाता है इसके अलावा बहुत और जैन धर्म में भी इस पवित्रता इस पवित्र माना जाता है बनारसी की संस्कृत का गंगा नदी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं इसे धर्म इससे धार्मिक महत्व है आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम बनारसी जिले के इतिहास भौगोलिक तथा संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे।

वाराणसी जिला के बारे में संपूर्ण जानकारी (Varanasi District About in Hindi)

राज्य उत्तर प्रदेश
विभाजन वाराणसी
मुख्यालय वाराणसी
क्षेत्रफल 1,535 किमी 2 (593 वर्ग मील)
जनसंख्या 3,676,841 (2011)
जनघनत्व /td> 2,395/किमी²
साक्षरता 78.41%
लिंगानुपात 913
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी
विधानसभा सीटें रोहनिया , वाराणसी उत्तर, वाराणसी दक्षिण, वाराणसी कैंट, सेवापुरी
राजमार्ग
पिनकोड 221 001 से 221 0xx
गांवों की संख्या
नगर निकाय 3
पुलिस स्टेशन 25
ब्लॉक 3
आधिकारिक website https://varanasi.nic.in/

वाराणसी जिला का इतिहास (Varanasi District History in Hindi)

भारत की एक धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी बनारसी काशी की भूमि जिससे अक्सर बनारस कहा जाता है यहां भगवान शिव और देवी पर्वतों का निवास स्थान माना जाता है बनारस इतिहास से ही पुराने परंपराओं से पुरानी नाता है इन सभी को मिलाकर भी दोगुना पुराना लगता है बनारस की उत्पत्ति अभी तक ज्ञात नहीं है हिंदुओं का मानना है कि जो बनारस की भूमि पर मरने के लिए विभूषण है वह जन्म और पुनर्जन्म के चक्र से मोक्ष और मुक्ति प्राप्त करेगा। माना जाता है कि वाराणसी में गंगा नश्वर लोगों के पापों को धोने की शक्ति रखती है। बनारस युगो से शिक्षा का एक बड़ा केंद्र भी रहा है बनारसी न्यायपालिकाओं का इतिहास 1913 से लिया जा सकता है जब वरुणा नदी के पार सिविल कोर्ट का निर्माण किया गया था उसे समय वाराणसी न्यायपालिकाओं के प्रमुख जिला न्यायाधीश थे सिविल जज और जजों के दो रूपरेखाओं का अदालत थी वर्ष 1994 में बनारसी जिले से नया जिला संत रविदास नगर बनाया गया है इसके अलावा वर्ष 1998 में बनारसी जिले से नया जिला चंदौली बनाया गया है इस प्रकार आप बनारसी जिले का कुल क्षेत्रफल 1,535 वर्र्ग किलोमीटर है।

वाराणसी जिला का नक्शा मानचित्र मैप (Varanasi District Map Location)

वाराणसी जिला के भौगोलिक (Geography of Varanasi District)

बनारस जिला उत्तरी भारत के मध्य गंगा घाटी में भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश की पूर्वी छोड़ पर गंगा नदी की बाई और के वक्राकार तट पर स्थित है यहां बनारसी जिले का मुख्यालय भी स्थित है सात शहरी उप-इकाइयों का समूह है और ये 112.27 वर्ग कि॰मी॰ (लगभग 43 वर्ग मील) के क्षेत्र फैला हुआ है सात प्रकार के शिव मंदिर, रथ का समरूप बनाते हैं। ये हैं- गोकर्णेश्वर, सुलतानकेश्वर, मणिकर्णेश्वर, भारभूतेश्वर, विश्वेश्वर, मध्यमेश्वर तथा ओंकारेश्वर। इस आकार में भी गंगा नदी की महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

वाराणसी जिला के चौहद्दी

  • उत्तर (North) – देवरिया ज़िले
  • पूर्व (East) – जंगपुरा
  • पश्चिम (West) – मिर्जापुर
  • दक्षिण (South) – चांदली

वाराणसी जिला का नक्शा मानचित्र मैप (Varanasi District Map)

Varanasi District Map

Varanasi District Map

वाराणसी जिला के जनसांख्यिकी (Varanasi District Population in Hindi)